fbpx
Finance-Minister-Nirmala-Sitharaman

प्रवासी मजदूरों, फेरीवालों, छोटे कारोबारियों, किसानों और मिडिल क्लास को क्या मिला ?

वित्त मंत्री ने प्रवासी मजदूरों, फेरीवालों, छोटे कारोबारियों और किसानों और मिडिल क्लास के लिए घोषणाएं की हैं। निर्मला सीतारमण ने कहा कि किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए सस्ता कर्ज दिया जाएगा तो प्रवासी मजदूरों को 2 महीने तक मुफ्त राशन देने का फैसला किया गया है। मिडिल क्लास के लिए हाउजिंग लोन सब्सिडी योजना को एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है। शहरी गरीबों और प्रवासी मजदूरों के लिए सस्ते किराये के घर उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई है।  

Finance-Minister-Nirmala-Sitharaman

वित्त मंत्री ने बताया कि 13 मई तक मनरेगा के तहत 14.62 करोड़ लोगों को काम दिया गया। इसके माध्यम से करीब 10 हजार करोड़ रुपए की मदद की गई है। पिछले साल की तुलना में इस बार इसमें 40-50% नए लोग जोड़े गए हैं। वित्तमंत्री ने बताया कि मनरेगा के तहत रोजाना औसत मजदूरी 182 रुपए से बढ़कर 202 रुपए की गई है।

वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि हमने राज्यों को आपदा राहत का इस्तेमाल करने की अनुमति दी। इसके जरिए 11,000 करोड़ रुपये की मदद की गई है। शेल्टर होम में तीन समय के भोजन की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा इस आपदा के वक्त 12000 सेल्फ हेल्प ग्रुप्स ने 3 करोड़ मास्क बनाए हैं। 1.20 लाख लीटर सैनिटाइजर बना गया है। इससे भी ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार मिला है।

अगले दो महीने तक सभी प्रवासी मजदूरों को बिना कार्ड के ही 5 किलो प्रति व्यक्ति गेहूं या चावल और एक किलो चना प्रति परिवार देगी। इससे करीब 8 करोड़ प्रवासियों को फायदा होगा।

वन नेशन वन राशन कार्ड को अगस्त 2020 तक लागू किया जाएगा। इससे 23 राज्यों को 67 करोड़ लोगों को फायदा मिलेगा। पीडीएस योजना के 83 फीसदी लाभार्थी इससे जुड़ जाएंगे। मार्च 2021 तक इसमें 100 फीसदी लाभार्थी जुड़ जाएंगे।

अभी केवल 30 पर्सेंट कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन मिल पाता है। सरकार लेबर कोड पर काम कर रही है इसके तहत सभी कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन तय किया जाएगा। सभी राज्यों में न्यूनतम वेतन में अंतर को खत्म किया जाएगा। 10 से अधिक कर्मचारियों वाले सभी संस्थानों के लिए देश के सभी जिलों में ईएसआईसी सुविधा को लागू किया जाएगा।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकार प्रवासी मजदूरों और शहरी गरीबों के लिए रेंटल हाउसिंग स्कीम लाएगी। पीपीपी मॉडल पर किराये पर रहने के लिए घर बनाएं जाएंगे, जिनमें वे कम किराए में रह सकते हैं।

50 लाख फेरीवालों को 5 हजार करोड़ रुपए की ऋण सहायता दी जाएगी। ये आसानी से 10 हजार रुपए तक का ऋण ले सकते हैं। ताकी लॉकडाउन खत्म होने के बाद वे अपना काम दोबारा शुरू कर सकें।

Dilip Kumar

We want to show India’s truth through this page. India's people, places, politics, business, history, sports and mystery of the truth, trying to get in front of people.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *